ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 27 January 2020
काम कर दें
कभी तो ऐसा भी काम करदें
सवेरे उठ कर सलाम करदें
किसीकी नींदों से क्या ग़रज़ हो,
शुरू अभी हों ऑ शाम करदें
उर्मिला माधव
28.1.2018
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