Thursday, 23 January 2020

शोहरत की

मुझको ख़ाहिश कहाँ है शोहरत की,
जो भी कुछ है ,..मेहर है क़ुदरत की,
मेरी उल्फ़त तो ,....बस कलम से है,
उम्र भर ,...इसके साथ शिरक़त की, 
#उर्मिला
24.1.2015...

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