ये मेरे शेर और क़तआत ---
Sunday, 19 January 2020
मसरूफ़ हूँ
गैर के हाथों में उसने......आईना देकर कहा ,
तुम चली जाओ यहाँ से मैं बहुत मसरूफ हूँ ....
उर्मिला माधव...
20.1.2014.
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment