Wednesday, 15 January 2020

रहोगे यूं

कितना हसद करोगे मियाँ मर रहोगे यूँ,
ये तर्बियत मिली है तुम्हें किस जहान से......
उर्मिला माधव...
16.1.2015....

No comments:

Post a Comment