ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 27 January 2020
हज़ारों फ़ैसले
बेटू ....
वक़्त ही बदले है, दुनिया के हज़ारों फ़ैसले,
जिस्म की रफ़्तार अपने तौर पे रहती है बस,
उर्मिला माधव
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment