Saturday, 6 April 2019

होना चाहिए

है रजामंदी....कि एक महबूब होना चाहिए,
और उसको अक्ल से भी खूब होना चाहिए,
आशिकी हर वक़्त की,अच्छी नहीं होती हुज़ूर,
मंज़र-ए- दुनिया से भी...मंसूब होना चाहिए.
उर्मिला माधव...
7.4.2014...

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