वक़्त ने जो इस क़दर तोड़ा न होता, साथ खुशियों ने कहीं छोड़ा न होता, शौक़ हो जाता.....तिरे हाथों से पूरा, जितना हो जाता वही थोड़ा न होता.... उर्मिला माधव... 19.4.2014...
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