आज उस शह्र से मुख़ातिब हूँ, जिसके रंगों ने ख़ुदकुशी कर ली, जाने इल्ज़ाम किस पे आता है, हमने तो आंख शबनमी कर ली, उर्मिला माधव, 30.4.2018
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