Wednesday, 17 April 2019

सांझ

सांझ का सौन्दर्य है,मार्तंड लगभग अस्त है,
और बिना ही यत्न के,पीड़ा ह्रदय की ध्वस्त है....
उर्मिला माधव...
18.4.2014..

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