Wednesday, 10 April 2019

अज़ाब में हैं

ये जिस्म एक क़फ़स है,साँसें अज़ाब में हैं,
तू ज़िन्दगी के मालिक ,जिंदा बचाए रखना,
अश्कों से भीगे आरिज़,बेबाक़ हो गए हैं
दूरी हो चाहे जितनी,दिल तो मिलाये रखना....
उर्मिला माधव...
11.4.2015

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