Wednesday, 9 January 2019

स्थितप्रज्ञ है

एक है ये मन ....सो स्थितप्रज्ञ है,
कर्म समिधा...और जीवन यज्ञ है,
सब ही है अनुसार जीवन चक्र के,
सर्वथा अनुभूति भी .....सर्वग्य है..
उर्मिला माधव,
1.1.2018

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