Tuesday, 1 January 2019

बात करते हो

क्यूँ ज़माने की बात करते हो,
बिन मुहब्बत के,रात करते हो,

रात आँखों में कल कटी मेरी,
ख़त्म यूँ ही हयात करते हो,
उर्मिला माधव..
2.1.2017

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