Wednesday, 23 January 2019

शोहरत की

मुझको ख्वाहिश कहाँ है शोहरत की,
जो भी कुछ है ,..मेहर है क़ुदरत की,
मेरी उल्फ़त तो ,....बस कलम से है,
उम्र भर ,...इसके साथ शिरक़त की,
#उर्मिला
24.1.2015...

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