उसकी जानिब से बहुत परदे रहे, दुश्मनों ने आके सब बतला दिया...
यूँ तो बन कर दोस्त ही आया था वो, बाद उसके ....उम्र भर धोका दिया.... उर्मिला माधव 13.1.2016
No comments:
Post a Comment