Tuesday, 15 January 2019

शेर ओ सुख़न का रंग

शेर-ओ-सुखन का रंग भी कितना अजीब है,
रहते हैं सब ज़मीं पै .....मगर आसमां लिखें,
दिल रंजग़र ....ऑ आँख में आंसू भी ख़ूब हैं,
जलती हुई क़लम से मगर .....शादमां लिखें.....
उर्मिला माधव...
16.1.2017....

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