दोस्ती हो या मुहब्बत,बस खरैरी खाट है, जो भी है सब बेसबब है,इन्तिहाई चाट है, जैसे जी चाहे निभालो,आपकी मर्ज़ी है ये, देखलो इसका पहाड़ा,सोलह दूनी आठ है..... उर्मिला माधव
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