Friday, 31 May 2019

ख़तावार हो गईं

Resham ki odhani thi,fisaltii thi baar-baar,
Lohe ki chimtiyaan yun,khatavaar hogaiin

रेशम की ओढ़नी थी,फिसलती थी बार-बार,
लोहे की चिमटियां यूँ ...…...ख़तावार हो गईं..
उर्मिला माधव,
1.6.2017

Wednesday, 29 May 2019

पारा पारा हो गया

ye samajh lo khatm hii qissa hamaaraa ho gayaa,
aankh main aansoo bhare,dil paaraa-paaaa ho gayaa...
Urmila Madhav..
30.5.2014...

समझाते रहे

वक़्त और हालात  दोनों ....बीच में आते रहे
कौन हूँ और क्या हूँ मैं,ये मुझको समझाते रहे..
#उर्मिलामाधव...
30.5.2015.

Tuesday, 28 May 2019

सांस कैसे लेंगे हम

कितनी सारी बंदिशें हैं.....तुमको पाने में सनम,
तुम नहीं मिल पाए तो फिर सांस कैसे लेंगे हम??
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Kitni saari bandishen hain tumko paane main sanam,
tum nahin mil paaye to phir saans kaise lenge hum...?
उर्मिला माधव...
29.5.2014

कुण्डलिया छंद

अपनी-अपनी बेर को चाहें शिष्टाचार,
वे जो सच्ची बात का,करते हैं प्रतिकार..
करते हैं प्रतिकार समय पर सच ना बोलें,
भारी पलड़ा देख उसी के संग-संग होलें,
आवश्यक है उनको माला उल्टी जपनी,
सुनो-सुनो,मत सुनो कहेंगे,अपनी-अपनी.
उर्मिला माधव,
29th मई 2017..

कौन समझेगा

कोई ऐसा भी तो होगा जिसकी दुनियां मिट गई,
उसकी आहों की कराहट कौन समझेगा भला,
क्या है घर में क्या नहीं है, उम्र भर का दर्द है,
ऐसे मुस्तक़बिल की आहट, कौन समझेगा भला...
उर्मिला माधव

Monday, 27 May 2019

कर डाला

मेरे दिल को हलाक कर डाला,
देखो सीना भी चाक कर डाला,
मुख़्तसर सा है मेरा अफ़साना,
रस्मे उल्फ़त को ख़ाक कर डाला..
उर्मिला माधव..
28.5.2013

तरफ़दार

हम परस्तार हैं..मुहब्बत के,
हम गुनहगार हैं इसी लत के,
इसके आगे हमें नहीं मालूम ,
हम तरफदार हैं...इबादत के .....
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ham parastaar hain,muhabbat ke,
ham gunahgaar hain isii lat ke,
iske aage hamen nahin maaloom,
ham tarafdaar haun ibaadat ke.....
उर्मिला माधव....
28.5.2014...

आए हैं

तुझ तलक रोते हुए आये हैं,
फिर नए ज़ख्म तुझसे पाये हैं...
#उर्मिला

Sunday, 26 May 2019

आसान है

सोच का हो जाएगा छोटा हिसार
जिस्म के सब दायरे थक जाएंगे,
उंगलियों पे ज़िन्दगी होगी शुमार
ख़्वाब से ख़ाली रहें दो चश्म जब,
तब समझना ज़िंदगी आसान है.…
उर्मिला माधव
27.5.2018

बीरबल

बीरबल अक़बर की जोड़ी ख़ूब थी,

अब भी कुछ कहने को बचता है कहीं ?
उर्मिला माधव

निर्वाण जैसा

अब ह्रदय पाषाण जैसा हो गया है,
हर तरह निष्प्राण जैसा हो गया है,
सब प्रयत्नों से परे है धैर्य भी अब,
जीते जी निर्वाण जैसा हो गया है....
उर्मिला माधव...
26.5.2014...

Saturday, 25 May 2019

जीता नहीं

कितनी सारी बाज़ियां हम जीत कर होते हैं ख़ुश,
ज़िन्दगी की आख़री बाज़ी .......कोई जीता नहीं ......
#उर्मिलामाधव..
26.5.2015

बोला गया

सच तो ये है,सच नहीँ खोला गया,
बोझ मेरे दिल का कम तोला गया

ग़ैर की महफ़िल में देखा जब उन्हें,
ग़म हुआ पर कुछ नहीं बोला गया,...
#उर्मिलामाधव...
26.5.2015.।

हो जाएगा

था हमें मालूम..........कोई हादसा हो जाएगा,
ये नहीं मालूम था.........इतना बुरा हो जायेगा,
दिल के टुकड़े हाथ में लेकर फिरेंगे जा-ब-जा,
जो भी हम लिखेंगे वो सब,फातिहा हो जायेगा....
#उर्मिलामाधव...
26.5.2015

Baraaten hain

Ab ye guzari huii jo raaten hain ,
Ye mahaz gam ki kuchh baraaten hain,
Inmen khushiyaaN kahin nahin shamil,
Man ke rakhne ko sirf baaten hain...
Urmila Madhav
26.5.2018

तड़पी बहुत

मैंने जिस दम याद उसको कर लिया,
रूह उसकी क़ब्र में तड़पी बहुत,

अश्क मेरे सब पियाज़ी हो गए,
आसमां में बर्क़ फ़िर तड़पी बहुत,
उर्मिला माधव

Thursday, 23 May 2019

हर बात मिली

Ik khushi ik dard ki saugat mili,haye do rang main doobi huyi her baat milee........
urmila madhav....

अश्कबर ही होते रहे

प्यार किया तुमसे,गुनाह किया,
ज़िन्दगी को भी ख़ारगाह किया,
हम यहाँ .....अश्क़बार होते रहे,
तुमने महफ़िल में वाह-वाह किया..
उर्मिला माधव..
24.5.2013

पकड़ने वाले

apni saanson se hawaaon ko parakhne waale,
door se dekh ke jalwon ka maza lete hain,..
Urmila Madhav..
24.5.2013

Wednesday, 22 May 2019

अंजाम लिखा है

हाथों की लकीरों में तेरा नाम लिखा है,
उनके ही दरूँ इश्क़ का अंजाम लिखा है,
पढ़ते हैं मिटाते हैं बहुत हौसला करके,
पर गौर तलब ये है कि नाकाम लिखा है...
उर्मिला माधव..
23.5.2013

अपना रास्ता

खिज्र-ए-मंजिल कौन किसका,किससे रखना राब्ता
ग़ैर वाज़िब सा लगे है ............जा-ब-जा यूँ तज़्किरा,
ज़िन्दगी ऐसा सफ़र है.........सब मुसलसल चल रहे,
अपने अपने पाँव सबके.........अपना-अपना रास्ता
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khizr-e-manzil kaun kiska,kis'se rakhnaa raabtaa,
gair vaazib sa lage hai,jaa-b-jaa yun tazkiraa,
zindagi aisaa safar hai,sab musalsal,chal rahe,
apne-apne paanv sabke,apnaa-apnaa raastaa..
उर्मिला माधव...
23.5.2014...

सुर्ख़ियां

सुर्खियाँ अख़बार की....हर रोज़ बदली जायेंगी,
सोचते हैं प्रैस वाले.........कि ये पढ़ ली जायेंगी,
ये समझना चाहिए......कुछ लोग ला-परवाह हैं,
आएँगी ख़बरें मगर...आँखें ही ढक ली जायेंगी,
उर्मिला माधव...
23.5.2014...

देर हो गई

इक ज़लज़ले की झोंक में कुछ दूर जा गिरे
हाथों के बल उठे तो ...ज़रा वक़्त लग गया...
उर्मिला माधव...
23.5.2015

आएगा

वक़्त है दरअस्ल क्या ये वक़्त ही बतलायेगा,
ख़ास है मंज़र पसे मंज़र,...नज़र भी आएगा,

waqt hai darasl kya ...........ye waqt hi batlayega,
khas hai manzar,pase manzar,nazar bhi aayega....
Urmila Madhav
23.5.2016

मिर्ज़ा नौशा

लोग मिर्ज़ा नौशा को भी ताक़ पर रखते रहे,
किस कदर दुनियां हसद के रंग में डूबी रही...
उर्मिला माधव....
23.5.2017

तलाश में

मेरे ख़ुश्क होठों पे गर हंसी,कभी आई भी तो रुकी नहीं,
कहीं डगमगा के रुके क़दम किसी इक सहर की तलाश में,
उर्मिला माधव
23.5.2018

Tuesday, 21 May 2019

हमारा है

सच तो ये है कि वो हमारा है,
आप शौहर को चाँद कहते हैं ?
उर्मिला माधव

मंसूब हो गए

दिल के इरादे ........चाँद से मन्सूब होगए,
फिर क्या कहें कि बज़्म में हम ख़ूब होगए,
लोगों ने हमको प्यार से .दिल में पनाह दी,
हम भी बरा ए नाम को ......महबूब होगए..
उर्मिला माधव..
21.5.2017

Monday, 20 May 2019

होगए

बस आईने में उसके,उतरने की फ़िक्र में,
दुनियाँ की हर खुशी से बहुत दूर हो गए,
तन्हाइयां मिलीं सो मिलीं,अश्क़ भी मिले,
नज़रों में सबकी बे-सबब मगरूर हो गए...
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bas aaiine main uske utarne kii fiqr main,
duniyaan kii har khushii se bahut door ho gaye ,
tanhaaiyaan,miliin so miliin,ashq bhii mile,
nazron main sabkii be-sabab magroor ho gaye...
उर्मिला माधव....
21.5.2014...

फ़िक़्र है

ये जो सब मायूसियां हैं, ये तो इनकी रह गुज़र है,
मुझको इनकी फ़िक़्र है ना इनको मेरी फ़िक़्र है...
उर्मिला माधव
21.5.2016

ले गया

हमको अपनी अक़्ल पे हैरानगी होती रही,
हम वहीँ बैठे थे,दरिया घर बहा कर ले गया!!!!🙄
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Hamko apni aql pe .....hairangi hoti rahi,
Ham wahin baithe the,dariya ghar baha kar le gaya !!
Urmila Madhavv
21.5.2916

Sunday, 19 May 2019

नहीं सुनता है

आज़ाद शेर----
आदमी अपने लिए खुद ही कफ़न बुनता है,
और मज़ा ये है .....कोई बात नहीं सुनता है.....
उर्मिला माधव...
20.5.2015

कितने थे

पहले ही तो ग़म कितने थे,
हर आंसू पर हम बिकने थे ?

Saturday, 18 May 2019

सिर रही है

तेरे हुस्न की तपिश है,या बर्क गिर रही है ??
हर हाल में ये मुश्किल बस मेरे सिर रही है....
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tere husn kii tapish hai,yaa barq gir rahii hai??
har haal main ye mushkil bas mere sir rahii hai...
उर्मिला माधव....
19.5.2014...

हो जाएगा

वो समझता है,ख़ुदा हो जाएगा,
कब समझता है जुदा हो जायेगा?
#उर्मिलामाधव...
19.5.2015...

Friday, 17 May 2019

होता है

चांद ढलने का वक़्त होता है,
दिन निकलने का वक़्त होता है
मैने समझा नहीं अभी तक ये,
कब मुहब्बत का वक़्त होता है??
उर्मिला माधव
18.5.2019

पड़ेगा

हमारी नज़र से नज़र मत मिलाना,
वगरना तुम्हें डूब जाना पड़ेगा,

अगर छोड़ जाओ तो मुड़ कर न आओ
तुम्हें फ़िर मियां, टूट जाना पड़ेगा,
उर्मिला माधव

एहतराम से

आ-जा रही है साँस बड़े एहतराम से,
ये बे-अदब ज़रा भी हुई,गए काम से,
इसके बग़ैर होगए जन्नत नशीं सभी,
सब जानते हैं इसको अक़ीदत के नाम से,
उर्मिला माधव..
18.5.2013

भान है

भूमिका मित्रों की मित्रों में बहुत आसान  है,
मित्रता के साथ जब दायित्व का भी भान है....
उर्मिला माधव...
13.5.2014...

सफ़र है

राहें बहुत हैं लंबी....,तन्हाई है,सफ़र है,.
गाड़ी है और मैं हूँ,इक राह पुर शजर है....
उर्मिला माधव...
18.5.2015!

होश कब था

उठाके उसने कमाने अबरू.....वो तीर साधा के बस ग़ज़ब था,
जो दिल मुहब्बत में मुब्तिला था,संभलना होगा ये होश कब था,
उर्मिला माधव...
18.5.2015

Tuesday, 14 May 2019

कहाँ पहचानोगे

जब प्रीत नहीं पहचानोगे तो रीत कहाँ से जानोगे?
जब ह्रदय में झन्कार नहीं,संगीत कहाँ पहचानोगे?
जब भावों का संसार नहीं तुम गीत कहाँ पहचानोगे?
जब अंतर्मन में पीर नहीं,मन मीत कहाँ पहचानोगे? उर्मिला माधव.....

हम हो गए

सब तमाशे देख कर..इतने बड़े हम होगये,
ज़िन्दगी बिखरी हुई, फिर भी खड़े हम होगये.
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Sab tamaashe dekh kar itne bade ham hogaye,
Zindagi bikhri huii, phir bhi khade ham hogaye...
उर्मिला माधव...
15.5.2014...

दम नहीं है

ग़म बहुत है आँख लेकिन नम नहीं है,
बा-ख़ुदा तुझसे ये दिल बरहम नहीं है,
ये समझ मुश्किल है .तुझसे दूर रहना,
पाँव चलते हैं ...मगर कुछ दम नहीं है....
उर्मिला माधव्....
15.5.2015

इतराएगा ही

:)
क्या मज़ाक ए हुस्न है इनसान का अब,
साँस है जब तक, अबस इतरायेगा ही,....
#urmilamadhav....
15.5.2015

सीख लो आकर

दिल जलाना क्या है हमसे सीख लो आकर,
तुम्हें आता कहाँ है आज तक भी दिल जलाना...
उर्मिला माधव....
15.5.2015

छोड़ी जाएगी

आपसे, फितरत न छोड़ी जाएगी,
हमसे अपनी ज़िद न तोड़ी जाएगी,
फ़ासले भी जब मुक़म्मल हो गए,
तुझसे दुनियां, फ़िर न जोड़ी जाएगी
उर्मिला माधव
15.5.2018

Monday, 13 May 2019

नहीं दिया

नक्शा तेरी जमात का कुछ और ही रहा,
एक पाँव भी किसीने....बढ़ाने नहीं दिया...
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nakshaa terii jamaat kaa kuchh or hii rahaa,
ek paanv bhi kisiine badhaane nahin diyaa...
Urmila Madhav
14.5.2014...

Saturday, 11 May 2019

गुज़र बसर

के तू खुशनसीब था बे-खबर,
मेरे दिल पै तेरा हुआ असर,
ले ये बात बनके बिख़र गई,
तेरे बिन है दिल की गुज़र बसर,
उर्मिला माधव...
12.5.2015

अदा भी

जाने किस-किस ढंग से धोया हमें,
वक़्त मेरे .....ख़ूब है तेरी अदा भी....
उर्मिला माधव...
12.5.2016

यारब

हम उससे मिलके कभी खुल ही  न पाए यारब,
हमारी हद थी हमें ........कम हिसार चुनना था,
उर्मिला माधव
12.5.2018
हिसार-- सीमा boundary

Friday, 10 May 2019

वास्ता बदलूँ

ज़रूरी हो गया है अब मैं अपना रास्ता बदलूं,
जुनूं में जो दिया तुमको,वफ़ा का वास्ता बदलूं....
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zaroorii hogaya hai ab main apnaa raastaa badlun,
junoon main jo diya maine wo apnaa waastaa badlun...
Urmila Madhav....
11.5.2014..

दूर कहते हो

वफादारी,हयादारी,के फन से.....दूर कहते हो,
न जाने क्या समझते हो मुझे,मगरूर कहते हो,
मगर हूँ मुत्मईन मेरी हकीक़त को समझते हो,
ये अच्छा है मुहब्बत में मुझे...माजूर कहते हो...

wafaadari,hayaadaarii,ke fan se door kahte ho,
n jaane kyaa samajhte ho mujhe,magroor kahte ho
magar hun mutmaiin merii haqiiqat ko samajhte ho
ye achcha hai muhabbat main mujhe maajoor kahte ho
उर्मिला माधव...
11.5.2014..

मुत्मईन-----निश्चिन्त,
मगरूर------घमंडी ,
माजूर----- लाचार

Thursday, 9 May 2019

गुफ़्तार में

ग़र ज़ियादह पेच रख्खोगे मियाँ दस्तार में,
और ज़ियादह ख़ुश्क लहज़ा आएगा गुफ्तार में...
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jitne zydaa pench rakhkhoge miyaan dastaar main,
utnaa zyda khushq lahzaa aayegaa....guftaar main...
उर्मिला माधव...
10.5.2014..
दस्तार--- पगड़ी
गुफ्तार---बातचीत

आसानियां

जिनकी कोई ताब ला सकता नहीं,
ऐसी कुछ वीरानियाँ हैं दह्र में,
ग़मज़दा दिल उसमें जब हो मुब्तिला,
मुझको सब आसानियां हैं दह्र में..
उर्मिला माधव

मुब्तिला-- खोया हुआ
दह्र--- संसार

Wednesday, 8 May 2019

ग़ैर पर

जब मुक़द्दर ख़ुद बनाता और मिटाता है बशर,
किसलिये करता है चीमा गोईयां फिर ग़ैर पर..
उर्मिला माधव..
9.5.2016

फ़िज़ूल

दुनियां के लोग कितने ...ख़ुशामद पसंद हैं,
दानिशवरों की सफ़ में खड़े हो गए फ़िज़ूल....
उर्मिला माधव,
9.5.2017
दानिश्वर --- अक़्लमंद

बनी रही

बेहतर रहा ...के साथ हर इक छूटता रहा,
मुझको अकेले चलने की आदत बनी रही...👍😊
9.5.2017

कर दिया

बोले के साथ मैं भी नहीं दूंगा उम्र भर,
मैंने अकेले चल के उन्हें दूर कर दिया...
उर्मिला माधव..

अधूरे शेर

तुम भी नहीं थे और भी कोई नहीं रहा,
जलते चराग़ बुझते रहे,रास्तों के बीच,
फिर भी हवा से जंग बराबर ठनी रही,
हम भी खड़े हुए थे उन्हीं ज़लज़लों के बीच
उर्मिला माधव

Tuesday, 7 May 2019

किधर देखूं

इधर देखूँ,उधर देखूँ,बताओ,मैं किधर देखूँ ??
दिखाई दो, अगर तुम ही तो फिर चाहे जिधर देखूं ??
सहर देखूँ,महर देखूँ,या दुनियाँ का क़हर देखूँ ??
मुसलसल दर्द है तो फिर,न क्यूँ दर्दे जिगर देखूँ...??
उर्मिला माधव
8.5.2013..

ज़रूरी है

मुहब्बत हो गई है ग़र......तो होने दो ज़रूरी है,
मगर इतना समझ लेना मशक्कत इसमें पूरी है.

muhabbat ho gayi hai gar ye hone do......zaroori hai,
magar itna samajh lena mashaqqat ismain poorii hai...
उर्मिला माधव...
8.5.2014...

बिसात

इंसाँ की ज़िन्दगी भी.....हर ग़ाम इम्तिहाँ है,
तौफ़ीक़ मुझको देदे......आब-ए-हयात रखलूँ,
कैसी भी रहगुज़र हो....रफ्तार हो मुकम्मल,
महफ़िल में आलिमों की अपनी बिसात रखलूँ
उर्मिला माधव...
8.5.2014..
insaan ki zindagi bhi hae ghaam imtihaan hai,
taufiiq mujhko dede,aab-e-hayaat rakh loon,
kaisii bhi rahghuzar ho raftaar ho mukammal,
mahfil main aalimon kii apni bisaat rakh loon ....
उर्मिला माधव
8.5.2014..

निबाही है

मैं खुशामद पसंद हूँ ही नहीं,
न कभी की है और न चाही है,
दिल ये शैदाई है अना का बस
जिससे हर हाल में निबाही है
उर्मिलामाधव...
8.5.2015

Monday, 6 May 2019

मरते नहीं

झूठ का दावा कभी करते नहीं,
कैसे कह दें मौत से डरते नहीं ?
क्या कहा डरपोक हूँ ? इल्ज़ाम है,
जो निडर हैं क्या कभी मरते नहीं.??
उर्मिला माधव
7.5.2013

पाओगे

इश्क़ से कैसे भला बच पाओगे.??
दिल है सीने में तो गच्चा खाओगे,
बिजलियाँ गिर जायेंगी,बचना हुज़ूर,
ताब इसकी फिर नहीं सह पाओगे,
Urmila Madhav.
7.5.2013..

गिनते रहे

Khoon shamma or parwane ka sang-sang ho gaya
Log apni ungliyon par,jaane kya ginte rahe...
::::
ख़ून शम्मा और परवाने का संग-संग हो गया,
लोग अपनी उंगलियों पर जाने क्या गिनते रहे ,
उर्मिला माधव

ख़ूब है

आईना तो एक ही है फ्रेम में,
रोज़ चेहरों का बदलना,ख़ूब है...
उर्मिला माधव
7.5.2018

तक़दीर की

दिल ज़रूरत एक सी रहने न दे,
उसपे ये तक़दीर की रस्सा कशी...
उर्मिला माधव
7.5.2018

क्यूं समझे

मैंने इक बात कही थी कि इसे तू समझे,
तू मगर ज़िद पे रहा, तू ही इसे क्यूं समझे,
उर्मिला माधव

Saturday, 4 May 2019

चल न पाते हैं

वो जो घुटनों पै दौड़ जाते थे,
अपने पैरों से चल न पाते हैं,
जो कभी सबका भार ढोते थे,
आज वो ख़ुद संभल न पाते हैं..
Urmila Madhav
5.5.2013

क़द्रदानी

बे-इन्तेहा हुई है........अपनी भी क़द्रदानी,
जितनी भी की है आपने काफ़ी है मेहरबानी,
कितना जियेंगे आखिर,मरना तो है हमें भी ,
शिरक़त को आइयेग़ा...जब हो क़ुरानख़ानी...
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be-intehaa huyi hai apni bhi qadardaanii,
jitni भी की hai aapne kaafi hai meharbaanii,
kitnaa jiyenge aakhir marnaa to hai hamen bhi,
shirqat ko aaiyegaa jab ho quraankhaanii...
उर्मिला माधव..
5.5.2014.

बेज़ार लगता है

फ़िज़ां बेकार लगती है ............चमन बेकार लगता है,
अयादत के हुजूमों से भी ...........दिल बेज़ार लगता है,
अगर कुछ रास आता है तो इक तकिया,फ़क़त बिस्तर,
वगरना सांस लेना भी ...............बहुत दुश्वार लगता है,
बुखार-ए-हाल कहना भी ......बहुत अच्छा नहीं लेकिन,
दवाएं देख कर जीना ..............बहुत मुरदार लगता है...
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fizaan bekar lagti hai chaman bekar lagta hai,
ayaadat ke hujoomon se bhi dil bezaar lagta hai..
agar kuchh raas aata hai,to ek takiya faqat bistar,
wagarna saans lena bhi bahut dushwar lagta hai...
bukhaar-e-haal kahna bhi bahut achcha nahi lekin,
dawayen dekhkar jeena bahut murdaar lagta hai..
#उर्मिलामाधव...
5.5.2015

Friday, 3 May 2019

आर पार हुआ

दामन जो तार-तार हुआ,
दिल कहाँ ग़मग़ुसार हुआ?
मेरे हाथों से नब्ज़ छूट गई,
ऐसा कुछ दिल के आर पार हुआ..
Urmila Madhav
4.5.2013

मगरूर थे

हम बहुत मसरूफ़ थे,मजबूर थे,
आप ये बतलाइये क्यूँ दूर थे ?
मुन्तज़िर थे आपके पैग़ाम के,
या समझ लें आप कुछ मगरूर थे ?
उर्मिला माधव...
4.5.2015..

रह गए

हमने दुनियां छोड़ दी और वो सताते रह गए,
अपनी जब  मैयत उठी वो आते-आते रह गए...
उर्मिला माधव...
4.5.2015...

सबब

हाथ ख़ाली हों,भरे हों, क्या सबब?
जिसको जाना है .उसे जाना ही है ...

Hath khaali hon,bhare hon,kya sabab?
Jisko jaanaa hai .....use jaanaa hii hai..
उर्मिला माधव.
4.5.2017

ओस

तुझको लगी है प्यास,न यूँ मार काट कर,
बुझती नहीं है प्यास कभी ओस चाट कर ....
उर्मिला माधव,
3.5.2014...

Wednesday, 1 May 2019

बेवफ़ा हो

अक्ल से तुम दूर थे कुछ गम नहीं था,
ग़म ये है तुम दिल से भी तो बेवफ़ा हो....
उर्मिला माधव...
2.5.2014...

ख़ुमार हो गई

शाम खुशगवार होगई,
ज़िन्दगी बहार होगई ,
आईने से धूल जो हटी ,
आँख बा खुमार होगई ...
उर्मिला माधव ...
2.5.2014..

दुआओं वाले

दह्र में तुझसा सखी,तुझसा न दिलबर कोई,
हाथ उठाये हैं .......तेरी सम्त,हवाओं वाले,
ओ हर इक पल के निगहबान मिरी दुनियां के,
मेरे हक़ में भी तो कह लफ्ज़ दुआओं वाले.....
#उर्मिलामाधव...
2.5.2015

सदियों से

उनसे गुफ्तार मुसलसल है मेरी सदियों से,
पर कोई बात है कहके भी अधूरी सी लगे....
#उर्मिलामाधव ...
२.5.२०१५...

भारी भारी

हवा में ही उड़ते थे मग़रूर होकर,
लो मरते ही मैय्यत हुई भारी-भारी,
::
Hawa men hi udte the magruur hokar,
lo marte hi maiyyat huii bhaari-bhaarii...
Urmila Madhav...
2.5.2016

बतियाए हुए

क्या करेंगे गुफ्तगू लोगों से हम बोलो भला,
एक मुद्दत हो गई ख़ुद से भी बतियाए हुए..
उर्मिला माधव,
2.5.2017

दश्त में घूमा करो

फ़िक़्र क्या करना किसीकी,अब कोई लैला नहीं
तुम गरीबां चाक लेकर ........दश्त में घूमा करो,
उर्मिला माधव,
2.5.2017

कौन था

आपसे मिलकर बहुत अच्छा लगा,
बाद में सोचा .....वो बंदा कौन था 🤔
उर्मिला माधव,
2.5.2017

सुख़नवर हो गए

हम मशक़्क़त कर रहे हैं,चार लफ़्ज़ों के लिए,
लोग तो ग़ैरों के लफ़्ज़ों पर .सुख़नवर हो गए,

Ham mashaqqat kar rahe hain,char lafzon ke liye,
Log to gairon ke lafzon par sukhanvar ho gae ..
उर्मिला माधव,
2.5.2017.

तस्वीर लेकर आगए

किस तरह किसको बुलाना है उन्हें मालूम है सब,
कुछ नहीं जब कर सके ,तस्वीर लेकर आगये...  :)
#urmilamadhav...
1।5.2015।...

गुज़र जाती है

लामकां से न जब तक के ख़बर आती है,
ज़िन्दगी कितने सराबों से गुज़र जाती है...,
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Laa-makaan se n jab tak ke khabar aatii hai,
Zindagi kitne saraabon se guzar jaati hai....
उर्मिला माधव..
1.5.2016