ये जिस्म एक क़फ़स है,साँसें अज़ाब में हैं, तू ज़िन्दगी के मालिक ,जिंदा बचाए रखना, अश्कों से भीगे आरिज़,बेबाक़ हो गए हैं दूरी हो चाहे जितनी,दिल तो मिलाये रखना.... #उर्मिलामाधव... 11.4.2015
No comments:
Post a Comment