कब तलक कोई किसीको आज़माता ही रहे?? मोल अपनी चाहतों का ..क्यूँ चुकाता ही रहे ?? अपनी दुनिया भूलके दिल बेवज्ह सजदे करे, क्यूँ किसी रस्ते में कोई ..सर झुकाता ही रहे ?? उर्मिला माधव... 13.4.2015
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