ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 20 April 2018
औक़ात सस्ती
ये ज़माना...और इसकी ख़ुद परस्ती,
मुख़्तसर,इनसान की औक़ात सस्ती,
उर्मिला माधव...
21.4.2014...
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