ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 20 April 2018
हिसाब रखता है
हरेक सांस का हर पल हिसाब रखता है,
ज़माना तुझसे कहीं बढ़के चाहता है मुझे..
उर्मिला माधव,
21.4.2017
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