ग़म का ख़ाका जो खींचा कागज़ पर, लोग बोले के .........ख़ूब लिखती हो... अश्क़ पोंछे थे बस ..........हथेली से, लोग बोले के .........ख़ूब दिखती हो... उर्मिला माधव ... 21.4.2015....
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