वफायें ठिकाने बदल लेंगी अपने, संभल जाओ देखो यही वक़्त है बस, अभी तक तुम्हें गुनगुना हम रहे हैं, वगरना ये दिल भी बहुत सख़्त है बस.... उर्मिला माधव... 15.4.2015..
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