Monday, 20 December 2021

तूफ़ान

अपनी यादों से ये कहदो दूर से निकला करें,
किसलिए सीने में हो आमद किसी तूफ़ान की..
उर्मिला माधव

Tuesday, 14 December 2021

saaiin ho

दोस्तों की भीड़ से अब डर लगै है साईं हो,
जाने किसके साथ काले नाग की परछाईं हो
उर्मिला माधव

hum udaasi odh kr

हम उदासी ओढ़ कर अब ...सो रहे हैं,
ख़्वाब का अरमां जगा कर क्या करेंगे?
नींद के भी ......ऐहतरामन मुंतज़िर हो,
कुछ बहाने ओढ़ कर ....…सोचा करेंगे..
उर्मिला माधव,
15.12.2017

Tuesday, 7 December 2021

salaam bheja hai

बरसरे बज़्म लो उस ने सलाम भेजा है,
ये ख़बर है ही नहीं किसके नाम भेजा है....
उर्मिला माधव...
7.12.2016

Thursday, 2 December 2021

हंगामा ख़ेज़

किसलिए माहौल है हंगामा ख़ेज़,
क्या सुरंगें फट गईं बारूद की ?
उर्मिला माधव

gumgusaar hota hai

दिल ये जब ज़ार-ज़ार रोता है,
कौन तब ...ग़मगुसार होता है..... ?

शीरीं लफ़्ज़ों की मारा मारी में,
यूँ ही दामन फ़िगार होता है,

उर्मिला माधव...
2.11.2014...

aao dekho raat hai or tum nahin

हां मैं तनहा हूँ मगर ...ग़ाफ़िल नहीं,
तुम नहीं तो ज़ीस्त का साहिल नहीं,
इंतिहाई ज़ियादती है .......मुझपे ये,
अब ये मेरा .दिल भी मेरा दिल नहीं,
तुमसे मेरी ज़ात है और तुम नहीं,
आओ देखो रात है और तुम नहीं...
उर्मिला माधव ..
2.12.2016

kab talak koii

कब तलक कोई किसीको आज़माता ही रहे??
मोल अपनी चाहतों का ..क्यूँ चुकाता ही रहे ??
अपनी दुनिया भूलके दिल बेवज्ह सजदे करे,
क्यूँ किसी रस्ते में कोई ..सर झुकाता ही रहे ??
उर्मिला माधव...
2.12.2016

slet se milta julta hai

हर इक चेहरा स्लेट से मिलता जुलता है,
लिख-लिख के हर बार मिटाना पड़ता है

Her ik chehra slate se milta-julta hai,
Likh-likh ke her baar mitaanaa pdta hai,
उर्मिला माधव
2.12.2017

तस्वीर भी लगा दूं क्या

तेरी तस्वीर भी लगा दूँ क्या?
तू मिरा कौन है बता दूं क्या?

मेरी आँखों में ख़ाब किसका है,
सारी दुनिया को ये जता दूँ क्या?
उर्मिला माधव

Thursday, 11 November 2021

agar koii maslhat

अगर कोई मस्लहत पेश-ए-जहाँ होती तो क्या होता,
ये मेरी ज़िन्दगी तुझमें निहां होती तो क्या होता ,
उर्मिला माधव...
12.11.2014...

khud ko dekha

ख़ुद को देखा, ख़ुद को सोचा और ख़ुद से बात की,
क़द्र फिर क्या ख़ाक होगी,ग़ैर के जज़्बात की,
उर्मिला माधव,
12.11.2017

Monday, 8 November 2021

baat kar

बेखुदी के दायरों से कुछ निकल कर बात कर, 
ज़ख्म बातों का नहीं भरता,संभल कर बात कर....
उर्मिला माधव...
8.11.2015

aawargi ik shakhs kii

क़त्ल अपने दिल का हमने अपने हाथों कर दिया,
दिल को जब भाई नहीं,आवारगी एक शख़्स की...
उर्मिला माधव...
8.11.2016

Tuesday, 2 November 2021

tahreer ka hum

क्यूँ करें शिकवा तेरी तहरीर का हम,
जानते हैं फैसला.....तकदीर का हम,
सांप हमने पाल के...रख्खे है घर में,
जानते हैं हौसला....हर तीर का हम ....
उर्मिला माधव
९.९.२०१३

itna Jo dil dukhaaenge

एक मतला एक शेर----

आप इतना जो दिल दुखायेंगे 
हम भला किस लिए निभायेंगे,

राह उलटी तरफ भी चलती है,
उलटे पैरों ही लौट आयेंगे,
#उर्मिलामाधव..
2.11.2015

लाजवाब

हम जहां भर में रहे हैं लाजवाब,
झूठ से लड़ना हमें आता कहाँ है?
उर्मिला माधव

Saturday, 30 October 2021

ye bhi sach hai

ये भी सच है मैंने तुझपे वक़्त तो खोया मगर,
था ज़रूरी ये बहुत तुझ को समझने के लिए 
उर्मिला माधव
31. 10. 2015

Friday, 29 October 2021

shikayat ho gai hai ab

उन्हें हमसे मुहब्बत में शिकायत होगई है अब,
कि पैग़ाम-ए-मसर्रत में किफ़ायत होगई है अब,
ज़रूरी तो नहीं अब तक वो हमको याद ही रक्खें
निगाह-ए- ग़ैर की उन पर इनायत होगई है अब।
...उर्मिला माधव.
26.2.2013

samander se hawa se

मैं समंदर से,हवा से,किसलिए लड़ती फिरूँ
जब मुझे अहसास है तू साथ तो देगा नहीं...
उर्मिला माधव
30.10.2015

क़द बराबर

ये शेर ख़ुद को महान समझने वालों के लिए है...

दोस्ती में क़द बराबर हो तो चल,
वरना भैये, फ़िर तू रस्ता नाप ले  
उर्मिला माधव

दुआ दरकार

दिल को दरकार जब दुआ भी नहीं,
फ़िक़्र फिर बद्दुआ की कौन करे...
उर्मिला माधव,

Thursday, 28 October 2021

क्रूर

मृत्यु को हम क्रूर कहते......ये हमारी भूल है,
येही जीवन चक्र है तब किस तरह प्रतिकूल है??

जन्म के ही साथ मृत्यु सर्वथा निश्चित यहाँ,
सत्यता से बचके चलना हर तरह...निर्मूल है...
उर्मिला माधव...
२९.१०.२०१३

मुहब्बत की दुनियां

muhabbat kii raftaar......tham sii gaii hai,
zamaana hai jaabir kise gam bataanaa,
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मुहब्बत की रफ़्तार थम सी गई है,
ज़माना है जाबिर,किसे गम बताना...
उर्मिला माधव...
29.10 2014..
जाबिर---- अत्याचारी

रुकिए। फ्री वर्स

हाय .... HI
रुकिए....
एक मुद्दत से रुका ही तो हूँ,
देखिये...
आँख है तो...
देखता ही तो हूँ...
सुनिए....
वक़्त ही ऐसा है सुनता ही तो हूँ...
उर्मिला माधव...
29.10.2014....

गुलों के पास

तस्वीरी शेर-----
jab gulon ke paas se guzre to ye dil kah uthaa,
bas dur-e-dindaan kii duniyaan hataa lo ik taraf....
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जब गुलों के पास से गुज़रे तो ये दिल कह उठा,
अब दुर-ए-दिन्दान की दुनियां हटालो इक तरफ़....
उर्मिला माधव...
29.10 2014...

हर गाम। इम्तिहा है

इंसाँ की ज़िन्दगी भी .......हर गाम इम्तिहाँ है,
तौफ़ीक़ मुझको देदे .....आब-ए-हयात रखलूँ,
कैसी भी रहगुज़र हो,.....रफ्तार हो मुकम्मल,
महफ़िल में आलिमों की अपनी बिसात रखलूँ
उर्मिला माधव
3.7.2013

ग़ाम---क़दम
तौफ़ीक़---शक्ति
आब-ए-हयात--ज़िन्दगी का पानी--यानी ---अमृत
रहगुज़र--रास्ता
मुक़म्मल--अटल
आलिम---विद्वान..

Wednesday, 27 October 2021

चांद तारों के ख़ाब

चाँद तारों के ख़ाब देदेंगे 
जितने चाहो गुलाब देदेंगे,ऐसी गफ़लत में बस नहीं रहना,
उम्र भर का हिसाब देदेंगे
उर्मिला माधव

मिट्टी के सोपान

सब मिट्टी के सोपानों पर खड़े हुए हैं आकर देख,
जन जीवन की रीति यही है अंतर्दृष्टि जगा कर देख, 
जब साहस उत्तुंग हुआ तब रीति-नीति का बिंदु कहाँ,
मार्ग सहज ही मिल जाता है अपना पाँव बढ़ाकर देख,
उर्मिला माधव...

Tuesday, 26 October 2021

उगल सकते हैं

लोग अच्छे हैं तो ख़ामोश बने रहते हैं,
वरना कुछ लोग हक़ीक़त भी उगल सकते हैं,
उर्मिला माधव

नज़र आ रही है

जहां तक ये दुनियां नज़र आ रही है,
वहां तक ये चिलमन है,दीवार भी है,

मशक़्क़त की हिम्मत दिखाऊँ भी कैसे,
अजब जी की हालत है बीमार भी है..
उर्मिला माधव

Monday, 25 October 2021

मेरा कभी नहीं था कभी

मेरा कभी नहीं था चलो मानती हूँ मैं,
पर मेरे बिन रहा वो कभी ये नहीं हुआ...
उर्मिला माधव...
26.10.2016

तलब

जो गुलामों की तलब रखता हो, वो,
क्या करेगा ....आदमी की ज़ात का...????
उर्मिला माधव..
26.10.2016

ख़वाब

चाँद तारों के ख़्वाब देदेंगे जितने चाहो गुलाब देदेंगे,
इतनी गफ़लत में बस नहीं रहना,उम्र भर का हिसाब देदेंगे
उर्मिला माधव
Twitter

Tuesday, 19 October 2021

kar diya rb ne

hamko khamosh kar diya rab ne ,
dil k daman ko bhar diya rab ne,
ab wo aansu the ya ki chhale the,
jo bhi tha nazr kar diya rab ne..
Urmila Madhav...

Monday, 18 October 2021

क्या करते

तनहा रहना था...और क्या करते,
उम्र भर किससे .सिलसिला करते,
अपनी दुनियां बहुत अलग सी थी,
राह हम...किस तरह से वा करते....
उर्मिला माधव....
19.10.2014...

ख़ुशी मुबारक हो

Dosto, her khushi mubarak ho,
Dil nashin zindagi mubarak ho,
Ye diwalii to .........ek din kii hai,
Umr bhar..raushni mubarak ho.

Urmila Madhav

Tuesday, 12 October 2021

धरम संकला

ब्रिज माधुरी 

थोरे दिन कौ जीवन है तौ मन कूँ चों भरमावै,
रह जागी यईं धरम संकला,सांस जबई रुक जावै,

माई बाप और पुत्र पौत्र कूँ,कितनौउ लाड़ लड़ावै
आँख मुंदी सोई भये बटाऊ,फिर कोउ लौट न पावै

नित-नित रार करै दुनियां में,ज़र,जोरू की खातिर,
बढ़िया हो जो हर काऊ ते,प्रीत की रीत निभावै,
उर्मिला माधव

शिकस्ता दिल हूँ

मैं मुब्तिला-ए-ग़म हूँ पर ना शिकस्ता दिल हूँ,
बिस्मिल भी हूँ सही है....हर गाम पाब दिल हूँ 
कोई रहनुमां नहीं है....नहीं कोई हमक़दम है,
पर दिल मैं है बुलंदी.....और आदतन सहल हूँ...
उर्मिला माधव...
१३.१०.२०१३ 
पाब्दिल----गिरफ्तार

चकरा गए

रस्सियों के बल से हम चकरा गए,
इस तरह से बीच में हम आ गए .....
उर्मिला माधव....
13.10.2014..

जी हमारा

जी हमारा उठ चुका है,हम नहीं जाते कहीं,
गोकि ज़िद के बादशा हैं,ग़म नहीं खाते कहीं,
भीड़ से हट के चलें ये अपने दिल की बात है,
पर क़दम रफ़्तार में हैं थम नहीं जाते कहीं,
उर्मिला माधव,
13.10.2018

बेवक़ूफ़ बनने में

बेवकूफ़ बनने में मेहनत लगती है,
कुछ धोके तो जान के हमने खाए हैं
उर्मिला माधव

Saturday, 2 October 2021

क़ुबूल करले

इन्सान कब हुआ है किसी ज़िन्दगी का मालिक,
रब ने दिया है तोहफ़ा, बस वो क़ुबूल कर ले...
उर्मिला माधव

रोए किसलिए

मुझको ख़बर नहीं है कोई रोए किसलिए,
जब रास्ते बने हैं, हर इक शख़्स के लिए.
उर्मिला माधव

जो तुझको हो पसंद वही काम कर गुज़र...
उर्मिला माधव

चलते हुए मिले

जो भी अज़ीज़ दोस्त थे, चलते हुए मिले,
हम ज़िन्दगी की शाम पर ढलते हुए मिले।
उर्मिला माधव

उलझनों के पार

हम उम्र भर रहे हैं यूं ही चिलमनों के पार,
और चाहते नहीं हैं कभी कोई ग़म गुसार,
अपनी ये ज़िन्दगी जो हमें है बहुत अज़ीज़,
समझेगा कौन क्या छुपा है उलझनों के पार.
उर्मिला माधव

होश में रहो

उसने तड़प के मुझसे कहा, होश में रहो,
मैं सुन कहां रही थी मुझे, होश ही न था...
उर्मिला माधव

Tuesday, 24 August 2021

जी न लगे

हमारी रात यही सोचने में कटती रही,
ज़रूर सोचें मगर सोचने में जी न लगे।।।
उर्मिला माधव

Monday, 23 August 2021

सदा देती है

मैंने पहले ही बहुत ख़ुद को झुका रख्खा है,
अब ज़मीं मुझको मुहब्बत से सदा देती है...
#उर्मिलामाधव ...
23.8.2015...

बचाया है

हज़ारों रंग देखे हैं मेरी नज़रों ने घबरा कर,
मगर दिल ने मुझे जबरन बहकने से बचाया है...
#उर्मिलामाधव..
23.8.2015

Saturday, 21 August 2021

हाहाकार है

ज़िन्दग़ी न जीत है न हार है,
जी रहे हैं सिर्फ़ हाहाकार है,
कितनी शिद्दत से बनाया था मकां
छोड़ कर जाना ही है बेकार है     ।।       उर्मिला माधव...

लड़ने पा राज़ी हूँ

मुझे हर शै से लड़ना है यही रब का इशारा है,
जहाने जंग है हर सू,तो मैं लड़ने पा राज़ी हूँ....
उर्मिला माधव...
22.8.2016

वफ़ा की शक़्ल

मेरी वफ़ा की शक़्ल, बिगाड़ी है दह्र ने,
वरना मेरे मिज़ाज में तल्खी कभी न थी,
उर्मिला माधव

Friday, 20 August 2021

नहीं की

कुछ बोझ था ज़हन पर सो बात ही नहीं की,
अंजाम से वाकिफ़ थे, शुरुआत ही नहीं की
उर्मिला माधव

Tuesday, 3 August 2021

अमानत

अमानत में ख़यानत से वफ़ा बदनाम होती है,
तो सारी उम्र रो-रो कर,गमों की शाम होती है..
उर्मिला माधव..
4.8.2013

सुर्ख़ियों में आ गए

कामयाबी क्या मिली के हो गया क़िस्सा अजब,
टूटने वाले भी रिश्ते ..........सुर्ख़ियों में आ गए....
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kaamyaabii kyaa milii ke .....hogaya qissaa ajab,
tootne waale bhii rishte surkhiyon main aa gaye 
#उर्मिलामाधव...
4.8.2015...

शादियों का शोर

रिश्ते नातों से यहाँ ....हर शख्स ऊबा सा लगे,
किसलिए हर रोज़ फिर ये शादियों का शोर है!!!!
उर्मिलामाधव...
4.8.2915

आशिक़ी छांटा करो

एक मज़ाहिया पेशकश...
------------------------------------ :) :) :)
अय मियां तुम आशिक़ी छांटा करो,
हर किसीको अपना दिल बांटा करो,
चार दिन की है जवानी ...और क्या,
जो भी रोके उस को तुम डांटा करो...
#उर्मिलामाधव..
4.8.2015

दस्तार

अपने हाथों से ज़रा दस्तार अपनी थाम लो,
आंधियां झोंके में आती हैं मियां,बचना ज़रा...
उर्मिला माधव..
4.8.2016

गुलदान

तेरे गुलदान के सब फूल .....बासी हो गए होंगे,
तो सूखी पत्तियों के ढेर ......काफ़ी हो गए होंगे,
तुझे कुछ याद है मैंने सलाम-ए-सुब्ह कब भेजा ?
तिरे घर के कई कोने भी ...ख़ाली हो गए होंगे,
उर्मिला माधव,
4.8.2017

हैसियत

एक ख़्वाहिश पूछने पे हमने उनसे कह दिया,
आप इतनी हैसियत रखते नहीं हैं,जाइये
उर्मिला माधव

सस्तमोली नमक

वहशतें,वीरानियाँ,बेपर्द हों वाजिब नहीं,
आजकल शीरीनियों से सस्तमोली है नमक,
उर्मिला माधव,

जमके पत्थर

ऐसी आंखों में कहां जज़्बा नज़र आए कोई,
जो जबीं के ऐन नीचे, जम के पत्थर हो गईं..
उर्मिला माधव

आज़ादी

एक दिन तो फैसला होगा हमारा आपका,
आपकी आज़ादियाँ गिरवी रखी हैं, 
आजकल
उर्मिला माधव

बिजनेस शायरी

आपका 'बिज़नेस' है बहना 'शाइरी'
हम कहाँ से लाएंगे वो माहिरी ?
😊😊
उर्मिला माधव

Sunday, 25 July 2021

अय मुसाफ़िर

अय मुसाफ़िर दूर क्या जाता है तू,
ये जो दूरी है,…..अज़ल से साथ है
आंख में ...सरगर्मियां हैं अश्क़ की,
इसलिए भी कम नज़र आता है तू,
उर्मिला माधव,
26.7.2017

Monday, 14 June 2021

झूटी रस्म

एक शायर दोस्त के नाम ...

हमारा क़द तुम्हारे क़द के सानी है नहीं तो क्या,
बुलाहट की ये झूटी रस्म तुमने क्यों अदा की थी......
हमें कुछ और चाहे आज तक हरगिज़ न आया हो,
ज़ेहन को ठेस पहुँचाने का जज़्बा हम समझते हैं...
#उर्मिलामाधव
15.6.2015

Monday, 22 February 2021

पाबंदियों के साथ

दर हकीक़त वक़्त भी पाबंदियों के साथ है,
दिन हुआ दिन में हमेशा,रात में ही रात है,
उर्मिला माधव...
22.2.2014...

उतर जाए

दिल से हर शख्स जब उतर जाए
राबिता ......दरमियां बिखर जाए,
हक़ बुलंदी है ......सिर्फ़ ख़ामोशी,
बस .....किसी ग़ैर के न घर जाए...
उर्मिला माधव,
22.2.2016

Thursday, 28 January 2021

मज़बूत संग से

हमको समझ रहे हो महज़ अपने ढंग से,
सर फोड़ने को आए हो मज़बूत संग से

हम आदमी तो आम  हैं पर ख़ास बात ये,
जीते रहे हैं ज़िन्दगी बस अपने रंग से

Sunday, 17 January 2021

मेला हो गया है

यूं ज़माना एक मेला हो गया है,
हर कोई घर में अकेला हो गया है.
उर्मिला माधव