ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 8 November 2021
aawargi ik shakhs kii
क़त्ल अपने दिल का हमने अपने हाथों कर दिया,
दिल को जब भाई नहीं,आवारगी एक शख़्स की...
उर्मिला माधव...
8.11.2016
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment