ये मेरे शेर और क़तआत ---
Tuesday, 2 November 2021
tahreer ka hum
क्यूँ करें शिकवा तेरी तहरीर का हम,
जानते हैं फैसला.....तकदीर का हम,
सांप हमने पाल के...रख्खे है घर में,
जानते हैं हौसला....हर तीर का हम ....
उर्मिला माधव
९.९.२०१३
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