ये मेरे शेर और क़तआत ---
Thursday, 11 November 2021
khud ko dekha
ख़ुद को देखा, ख़ुद को सोचा और ख़ुद से बात की,
क़द्र फिर क्या ख़ाक होगी,ग़ैर के जज़्बात की,
उर्मिला माधव,
12.11.2017
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