ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 8 November 2021
baat kar
बेखुदी के दायरों से कुछ निकल कर बात कर,
ज़ख्म बातों का नहीं भरता,संभल कर बात कर....
उर्मिला माधव...
8.11.2015
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