ये मेरे शेर और क़तआत ---
Sunday, 25 July 2021
अय मुसाफ़िर
अय मुसाफ़िर दूर क्या जाता है तू,
ये जो दूरी है,…..अज़ल से साथ है
आंख में ...सरगर्मियां हैं अश्क़ की,
इसलिए भी कम नज़र आता है तू,
उर्मिला माधव,
26.7.2017
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment