ये मेरे शेर और क़तआत ---
Tuesday, 3 August 2021
जमके पत्थर
ऐसी आंखों में कहां जज़्बा नज़र आए कोई,
जो जबीं के ऐन नीचे, जम के पत्थर हो गईं..
उर्मिला माधव
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