ये मेरे शेर और क़तआत ---
Saturday, 21 August 2021
हाहाकार है
ज़िन्दग़ी न जीत है न हार है,
जी रहे हैं सिर्फ़ हाहाकार है,
कितनी शिद्दत से बनाया था मकां
छोड़ कर जाना ही है बेकार है ।। उर्मिला माधव...
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