Tuesday, 12 October 2021

शिकस्ता दिल हूँ

मैं मुब्तिला-ए-ग़म हूँ पर ना शिकस्ता दिल हूँ,
बिस्मिल भी हूँ सही है....हर गाम पाब दिल हूँ 
कोई रहनुमां नहीं है....नहीं कोई हमक़दम है,
पर दिल मैं है बुलंदी.....और आदतन सहल हूँ...
उर्मिला माधव...
१३.१०.२०१३ 
पाब्दिल----गिरफ्तार

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