ये मेरे शेर और क़तआत ---
Wednesday, 27 October 2021
मिट्टी के सोपान
सब मिट्टी के सोपानों पर खड़े हुए हैं आकर देख,
जन जीवन की रीति यही है अंतर्दृष्टि जगा कर देख,
जब साहस उत्तुंग हुआ तब रीति-नीति का बिंदु कहाँ,
मार्ग सहज ही मिल जाता है अपना पाँव बढ़ाकर देख,
उर्मिला माधव...
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