ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 22 February 2021
पाबंदियों के साथ
दर हकीक़त वक़्त भी पाबंदियों के साथ है,
दिन हुआ दिन में हमेशा,रात में ही रात है,
उर्मिला माधव...
22.2.2014...
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