जिस जगहा पर तुम नहीं हो वो जगहा बेकार है,
इक यही जज़्बा तो कहता है के तुमसे प्यार है,
उर्मिला माधव,
1.5.2017
Tuesday, 30 April 2019
Monday, 29 April 2019
वास्ता
उम्र भर हमको रहा है तल्ख़ियत से वास्ता,
ढूँढते ही हम नहीं अब और कोई रास्ता ..Urmila Madhav.
30.4.2013
तल्ख़ियत---कड़वाहट
पानी पानी
कुछ दोस्तों ने हमको,बख्शी है नातवानी,
दिल को हुई नसीहत,आँखें हैं,पानी-पानी....
उर्मिला माधव...
30.4.2014...
मुकम्मल हो गया
ऐसे लम्हों में लिखा बस प्यार का पल होगया,
उसकी आमद से हर इक मिसरा मुकम्मल होगया...
उर्मिला माधव...
30.4.2015...
दोहा
महिमा मंडन स्वयम का,करें सभी श्रीमान,
वही दम्भ वश कर रहे...औरों का अपमान
उर्मिला माधव,
29.4.2017
दैर-ओ-हरम
जब जहाँ तबियत हुई सजदा किया हमने वहीँ,
कौन इतना फ़र्क़ करता, घर है या दैर-ओ-हरम,
उर्मिला माधव
30.4.2018
शबनमी करली
आज उस शह्र से मुख़ातिब हूँ,
जिसके रंगों ने ख़ुदकुशी कर ली,
जाने इल्ज़ाम किस पे आता है,
हमने तो आंख शबनमी कर ली,
उर्मिला माधव,
30.4.2018
Saturday, 27 April 2019
न छोड़ा गया
कितने रंगों से दिल को झिंझोड़ा गया,
बिखरी साँसों को रह-रहके तोडा गया,
मेरी आदत यही थी तो होता भी क्या,
मुझसे लिखना-लिखाना न छोड़ा गया....
उर्मिला माधव...
28.4.2014..
क़र्ज़ हो गया
पानी के एक गिलास का जो कर्ज़ हो गया,
हम उम्र भर उसी की सतह पर खड़े रहे,
ग़म में शुमार होने लगा बार-ए-ज़िन्दगी,
ज़ख्मों के नक्श थे के,ज़िबह पर अड़े रहे...
उर्मिला माधव,
28.4.2017
Friday, 26 April 2019
संभाले गए
हादसे ज़िन्दगी के कहाँ ले गए ?
मुद्दतों हमसे ग़म ना संभाले गए,
अपने घर के अँधेरों को दी रोशनी,
लोग मेरे ही घर की शमाँ लेगए।।.
Urmila Madhav
27.4.2013
Thursday, 25 April 2019
बरामद से
आमुझको हैरत है उनकी आमद से,
जैसे होते हों "वो ".....बरामद से......
#उर्मिलामाधव...
26.4.2015...
Wednesday, 24 April 2019
सब्र लगता है
सब ज़माना ये क़ब्र लगता है,
चूँकि जीना ही ज़ब्र लगता है,
ख़ुद को इंसान भी जताने में,
उम्र लगती है...सब्र लगता है,
उर्मिला माधव...
25.4.2014
बंदोबस्त है
मौत की तारीकियों से..हौसला क्यूँ पस्त है??
ज़िन्दगी के साथ ही..इसका भी बंदोबस्त है,
एक हलके ज़िक्र से कहते हैं सब कि शुभ कहो",
वाह उसको आफरीं जो बिन डरे अलमस्त है...
उर्मिला माधव...
25.4.2014...
बाज़ आ जाओ
अपनी आदत से बाज़ आ जाओ,
होश में अहल-ए-राज़ आ जाओ,
पहले जो महव-ए- ख़्वाब होते थे,
बंद कर दो बयाज़ ......आ जाओ..
उर्मिला माधव,
25.4.2017
Tuesday, 23 April 2019
मिलता रहेगा
प्यार ही कर लीजिए, अच्छा रहेगा,
आपका दिल उम्र भर बच्चा रहेगा,
ग़म तुलू हो जाएंगे आसानियों में,
ज़ावियों को रास्ता मिलता रहेगा,
उर्मिला माधव
Monday, 22 April 2019
बल दिए
रायता फैला दिया और अपने घर को चल दिए,
एक ज़रा सी बात को भी कितने सारे बल दिये,
उर्मिला माधव...
23.4.2014...
सोई नहीं
ग़म मुसलसल साथ हैं,इसके सिवा कोई नहीं,
कितनी सदियों से हमारी चश्म-ए-नम सोई नहीं..
Urmila Madhav
23.4.2013...
आपसा कोई नहीं
भोले बाबा के नाम......
इस ज़मीन ओ आसमां पर आपसा कोई नहीं,
आप भोले ख़ाब हैं, इस ख़ाब सा कोई नहीं,
आपके ही इस धुंए में .......घूमता सारा जहाँ,
इसलिए धुंधली है दुनियां साफ़ सा कोई नहीं....
उर्मिला माधव...
23..4.2017
रिश्ता नहीं
क्यूँ मुहब्बत और सुकूं में ....आपसी रिश्ता नहीं,
किस तरह का दर्द है के है भी और दिखता नहीं,
उर्मिला माधव...
23.4.2017....
हंसते रहे
दिल को बहलाने की आदत थी हमें,
इस लिए हम......उम्र भर हँसते रहे....
उर्मिला माधव।।।
23.4.2017
जानता है
पेचो ख़म गिनवा रहा है ज़ुल्फ़ के,
वो हवा से काम लेना जानता है...
उसकी महफ़िल में वफ़ा कुछ भी नहीं,
जो वफ़ा का नाम लेना जानता है
उर्मिला माधव
Sunday, 21 April 2019
बाजियां सब
अय हटो रहने भी दो लफ्फाजियां सब,
हमने कब की छोड़ दीं ये बाजियां सब,
उर्मिला माधव...
22.4.2014...
आते गए
आपने सोने की कड़ियाँ क्यूं रखीं ज़ंजीर में,
गो कि सब इल्ज़ाम भी मेरे ही सर आते गए...
उर्मिला माधव,
22.4.2018
Saturday, 20 April 2019
दिखती हो
ग़म का ख़ाका जो खींचा कागज़ पर,
लोग बोले के .........ख़ूब लिखती हो...
अश्क़ पोंछे थे बस ..........हथेली से,
लोग बोले के .........ख़ूब दिखती हो...
#उर्मिलामाधव ...
21.4.2015....
हसद हटा के
हसद हटा के कभी आदमी को देखो तो,
वगरना कौन ये समझेगा आप शाइर हैं????
उर्मिला माधव..
21.4.2017..
मुझे
हरेक सांस का हर पल हिसाब रखता है,
ज़माना तुझसे कहीं बढ़के चाहता है मुझे..
उर्मिला माधव,
21.4.2017
आता है
वो एक रंग में ...कहते नहीं हैं बातों को,
हलाक करना उन्हें,हर तरह से आता है..
उर्मिला माधव,
21.4.2017
गर्मी की शिद्दत
हज़ारों शेर कहने पर भी कुछ होगा नहीं हासिल,
ये जो गर्मी की शिद्दत है,किसी सूरत न कम होगी..
उर्मिला माधव..
21.4.2017
नहीं होता
पहले होता था ग़म तग़ाफ़ुल का,
अब ..किसी बात का नहीं होता....
वो जो सूरज बहुत चमकता है,
वो कभी रात का नहीं होता,
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Pahle hota tha,gam tagaful ka,
Ab, kisii baat kaa nahin hotaa...
Wo jo suraj bahut chamakta hai,
Wo kabhi raat ka nahin hotaa..
उर्मिला माधव,
21.4.2018
नहीं है
अब मुझे तुझसे कोई शिकवा नहीं है
क्यूंकि तू मेरा कोई लगता नहीं है
दिल दुखा के कोई कब अपना रहा है,
याद करना भी तुझे अच्छा नहीं है
उर्मिला माधव
Friday, 19 April 2019
दिखाई दे
सहर और शाम आपस में,मिली जैसी दिखाई दे,
कि जैसी देखना चाहें........नहीं वैसी दिखाई दे,
समझना ही पड़ेगा ये...भरम है आँख का शायद,
कभी कैसी दिखाई दे........कभी कैसी दिखाई दे...
उर्मिला माधव...
20.4.2014...
आउंदे ने
टुरदे-टुरदे करीब.......आऊँदे ने,
दिल दियां बोलियाँ लगाउन्दे ने...
उर्मिला माधव...
20.4.2014...
थकता नहीं है
जाने कैसा शख़्स है थकता नहीं है,
दर्द देता है ......कोई लगता नहीं है....
Upadhyay Urmila....
दस्तार में
जितने ज़यादह पेच रख्खोगे मियां दस्तार में,
उतना ज़यादह तल्ख़ लहज़ा आएगा गुफ़्तार में....
#उर्मिलामाधव
कर नहीं पाते
ये कौन लोग हैं जो सब्र कर नहीं पाते,
ख़मोश होके .कहीं से गुज़र नहीं पाते,
जो अपने हाथ में मीज़ान लेके चलते हैं,
एक सुफ़ह भी शिद्दत से भर नहीं पाते,...
उर्मिला माधव,
19.4.2017
Thursday, 18 April 2019
थोड़ा न होता
वक़्त ने जो इस क़दर तोड़ा न होता,
साथ खुशियों ने कहीं छोड़ा न होता,
शौक़ हो जाता.....तिरे हाथों से पूरा,
जितना हो जाता वही थोड़ा न होता....
उर्मिला माधव...
19.4.2014...
फ़रहाद
जो अगर फ़रहाद सब कुछ मान जाता,
ठोकरें हिस्से की उसके.....कौन खाता...??
::
Jo agar farhad sab kuchh maan jaataa,
Thokaren hisse kii uske kaun khaataa...
उर्मिला माधव...
19.4.2016...
Wednesday, 17 April 2019
खेलें दिल से
उनसे कहदो वो ज़रा सोचके खेलें दिल से,
ग़र ये टूटेगा तो किरचों में बिखर जायेगा,
उसकी आहट से जो तूफ़ान यहाँ उठ्ठेगा,
मेरा दावा है कि हर शख़्स सिहर जायेगा।....
Urmila Madhav.
18.4.2013
सांझ
सांझ का सौन्दर्य है,मार्तंड लगभग अस्त है,
और बिना ही यत्न के,पीड़ा ह्रदय की ध्वस्त है....
उर्मिला माधव...
18.4.2014..
सबब
पैदा हुए तो उम्र भर .............बेहोश ही रहे,
रोज़े अजल को होश भी आया तो क्या सबब...
उर्मिला माधव,
18.4.2018
Tuesday, 16 April 2019
आज़्मतर
आदत रही है ...ज़ब्त से जीने की उम्र भर,
अपना ख़याल कर लिया है हमने मुख़्तसर,
वैसे भी हमको आपने अब तक दिया है क्या,
हैरत है.....बस अना ही रही सिर्फ़ आज़्मतर ....
उर्मिला माधव...
17.4.2015...
माज़रत
Hum laut bhii aate jo agar tut-te nahiN,
Himmat hamaari tod ke kahte ho, Maazrat..?
हम लौट भी आते जो अगर टूटते नहीं,
हिम्मत हमारी तोड़ के कहते हो माज़रत ?
उर्मिला माधव,
17.4.2018
Monday, 15 April 2019
चाक कर दिया
उसने बिछड़ते वक़्त जिगर चाक कर दिया,
दामन झटक के मुझसे कहा जा रहा हूँ मैं..
Usne bichhadte waqt jigar chaak kar diyaa,
Daman jhatak ke mujhse kaha ja raha hun maiN...
उर्मिला माधव
16.4.2018
Sunday, 14 April 2019
डेरा है
सन्नाटों ने ...घर को आकर घेरा है,
कोने-कोने ......वीरानी का डेरा है,
टूटे-फूटे ख़्वाब पड़े मिल सकते हैं,
फ़िक़्र नहीं है इनका कौन लुटेरा है...
उर्मिला माधव...
15.4.2015...
वक़्त है बस
वफायें ठिकाने बदल लेंगी अपने,
संभल जाओ देखो यही वक़्त है बस,
अभी हम तुम्हें गुनगुना भी रहे हैं,
वगरना ये दिल भी बड़ा सख़्त है बस....
उर्मिला माधव...
15.4.2015..
क्या है
आप तस्वीर सिर्फ़ देखा करें,
क्योंकि ताईद की ग़रज़ क्या है,
मेरी तहरीर पढ़के ज़ाहिर है,
मेरे लफ़्ज़ों की ये लरज़ क्या है...
उर्मिला माधव...
15.4.2015
Saturday, 13 April 2019
जीत
Ek sher.....
जीत और ज़िद में ही जिनकी ज़िन्दगी गुज़री जनाब
किसलिए फिर ......आदमी को आदमी समझेंगे वो...
उर्मिला माधव...
::::::::
Jiit or zid men he jinkii zindagi guzarii janaab
Kisliye phir..aadmii ko aadmii samjhenge wo....
Urmila Madhav..
14.4.2016
ज़मीन
पांव धंस जाते हैं मेरे.....इतनी गीली है ज़मीं,
ये मिरा कार-ए-हुनर है,आज भी चलती हूँ मैं....
उर्मिला माधव,
14.4.2017
शैदाई नहीं
हर कोई ख़्वाबों से ऊपर झांकता है,
उसपे हैरत ये ..........के शैदाई नहीं,
ज़ुल्मतों के दम पे ..दुनियां नापता है,
उसपे हैरत ये ..........के बीनाई नहीं,
उर्मिला माधव
14.4.2018
ज़ुल्मत--अंधकार
आ गया है अब
उसे हम बा-वफ़ा कहते, ठहर जाता किसी सूरत,
जिसे अफ़लाक़ की दुनियां में उड़ना भा गया है अब
परिंदा है तो उसके पंख भी थकने ही हैं इक दिन,
समझता है उसे दुनियां से लड़ना आ गया है अब..
उर्मिला माधव
14.4.2018
Thursday, 11 April 2019
बहुत हैं
फालतू की जंग से हलकान बहुत हैं,
कमज़र्फ़ हरक़तों से परेशान बहुत हैं...Urmila Madhav
12.4.2013
रहने दीजे
जो दर्द मिल गया है,परदे में रहने दीजे,
ख़ामोशियां हैं वाजिब ज़ाहिर कहीं न कीजे..
ख़ामोश होठ सीं ले ज़ाहिर कहीं न कीजे....
उर्मिला माधव...
12.4.2014...
बतलाए गए
तब बहुत हैरत हुई के दुश्मनों की भीड़ में,
क़ाफ़िले के सरगना भी आप बतलाए गए...
उर्मिला माधव,
11.4.2017
ज़ब्त
वो हमको छोड़ कर जाते हुए मिला ही नहीं,
हमारे ज़ब्त ने ग़म का हिसाब मांगा है..
उर्मिला माधव
11.4.2019
Wednesday, 10 April 2019
समझो
अगर पर्दा दुई का है उसे कुछ कम नहीं समझो,
कोई दिल से उतर जाए ख़त्म रिश्ता वहीँ समझो,
उर्मिला माधव...
11.4.2014...
ओहदे नहीं होते
मुहब्बत में कभी ऐसे ..........कोई सौदे नहीं होते,
जहाँ उल्फ़त मुक़ाबिल हो ,वहां औहदे नहीं होते....
उर्मिलामाधव...
11.4.2015...
अज़ाब में हैं
ये जिस्म एक क़फ़स है,साँसें अज़ाब में हैं,
तू ज़िन्दगी के मालिक ,जिंदा बचाए रखना,
अश्कों से भीगे आरिज़,बेबाक़ हो गए हैं
दूरी हो चाहे जितनी,दिल तो मिलाये रखना....
उर्मिला माधव...
11.4.2015
इम्तिहां
इंसाँ की ज़िन्दगी भी ......हर ग़ाम इम्तिहाँ है,
तौफ़ीक़ मुझको देदे ....आब-ए-हयात रखलूँ,
कैसी भी रहगुज़र हो,.....रफ्तार हो मुक़म्मल,
महफ़िल में आलिमों की अपनी बिसात रखलूँ
उर्मिला माधव
1.4.2016
ग़ाम---क़दम
तौफ़ीक़---शक्ति
आब-ए-हयात--ज़िन्दगी का पानी--यानी ---अमृत
रहगुज़र--रास्ता
मुक़म्मल--अटल
आलिम---विद्वान..
होने भी दे
तू करिश्मा साज़ है तो मौजिज़: होने भी दे,
मैं किसी इल्ज़ाम पे रो जाऊं तो रोने भी दे,
उर्मिला माधव,
11.4.2019
Tuesday, 9 April 2019
देखा
अचानक आज वीरां दश्त में तनहा तुम्हें देखा,
न जाने क्या रहेगी आज मेरे ख्वाब की सूरत...
उर्मिला माधव...
10.4.2014...
शेर
कभी दामन किसी का थाम कर चलना नहीं हरगिज़,
अगर चलना ही है तो ख़ुद-ब-ख़ुद उठना है चलना ख़ुद.
kabhi daaman kisika thaam kar .....chalna nahin hargiz,
agar chalna hi hai to khud-ba-khud uthna hai,chalna khud....
Urmila Madhav.....
10.4.2016
हो गई
उसको मिटाके लोग क्या हासिल करेंगे अब?
जो ज़िन्दगी ......कभी की मेरी ख़त्म हो गई...
उर्मिला माधव ......
10.4.2015
Monday, 8 April 2019
रहने दिया
दिल को जो सहना था वो सहने दिया,
बाक़ी जो किस्सा था वो रहने दिया..
dil ko jo shana tha wo sahne diya'
Baki jo qissa tha wo rahne diya..
Urmila Madhav
बादशा हुआ
जिस तक पहुंच नहीं है,वही बादशा हुआ,
वरना ज़मीं के लोग तो हम से ही हैं हुज़ूर..
उर्मिला माधव...
9.4.2017
ख़ता बताई
तुम्हारी फ़ितरत समझ में आई तो तुमको मैंने धता बताई,
फ़िर अपनी सारी सहेलियों को, तुम्हारी हर इक ख़ता बताई
Sunday, 7 April 2019
उस हाथ मिल जाए
ख़ूब मुमकिन है कि...बुनियाद दिल की हिल जाए,
ये वो दुनिया है कि इस हाथ दे,उस हाथ मिल जाए...
उर्मिला माधव...
9.4.2014..
अच्छा किया
बीच में पर्दा गिरा कर .....आपने अच्छा किया,
हम तगाफ़ुल की हिमाक़त कर नहीं पाते कभी....
उर्मिला माधव...
8.4.2015
जगाए रखिये
अपने अहसास जगाये रखिये,
दिल को बस ख़ास बनाये रखिये
टूट जाने से कुछ नहीं होगा,
उम्र भर आस लगाए रखिये........
#उर्मिलामाधव....
8.4.2015
शमशीर का
जीतना और हारना तो खेल है तक़दीर का
हौसला तौलेंगे लेकिन हम ज़रा शमशीर का,
#उर्मिलामाधव...
9.4.2015..
ईमान की
ताने-बाने ज़िन्दग़ी के .........राह क़ब्रिस्तान की,
जी में जो आया किया कब फ़िक्र की ईमान की,
क्यूँ कलेजा मुँह को है ले क़त्ल का दिन आ गया
देख ले ये ही हक़ीक़त है .........यहाँ इन्सान की ।..
Urmila Madhav
8.4.2016
तस्वीर पानी
Ban ke jo taiyyar thi, tasveer paani me gaii,
Ek kahaani khoob thii jo, lan taraanii me gaii..
बन के जो तैयार थी तस्वीर, पानी में गई,
इक कहानी ख़ूब थी,जो लनतरानी में गई...
उर्मिला माधव
8.4.2018
Saturday, 6 April 2019
होना चाहिए
है रजामंदी....कि एक महबूब होना चाहिए,
और उसको अक्ल से भी खूब होना चाहिए,
आशिकी हर वक़्त की,अच्छी नहीं होती हुज़ूर,
मंज़र-ए- दुनिया से भी...मंसूब होना चाहिए.
उर्मिला माधव...
7.4.2014...
ज़ह्र की देदीं
Mareez-e-ishq the har roz uske dar pe jaate the,
Taras khaa kar hamen do boond usne zahr ki dediiN,
::
मरीज़-ए-इश्क़ थे हर रोज़ उसके दर पे जाते थे,
तरस खा कर हमें दो बूंद उसने ज़ह्र की दे दीं...
उर्मिला माधव..
7.4.2017..
पहुंचे
Hukm hamko hua ke aanaa hai,
Ham bhi bistar se uth ke ja pahunche,
हुक्म हमको हुआ ....के आना है,
हम भी बिस्तर से उठके जा पहुंचे..
उर्मिला माधव
7.4.2018
Friday, 5 April 2019
दिखता है
दिल का बिखराव बहुत दूर तलक दिखता है,
जैसे आंधी में...बिना चाँद फलक दिखता है....
उर्मिला माधव...
6.4.2014....
हद
कभी देखी कहाँ तुमने अना की हद मेरी क्या है,
उफ़क़ की आख़री हद तक मेरी इज़्ज़त दमकती है....
#उर्मिलामाधव...
6.4.2015
जाने दो
जुदाई भी अदा है ज़िन्दगी की साहिबे आलम,
अगर ये जीतती है तो इसे अब जीत जाने दो ......
#उर्मिलामाधव....
6.4.2015
दाम
वफ़ा लाए हो?लेआओ,बताओ दाम कितने हैं ??
मुहब्बत में तुम्हारी ज़ात को पैगाम कितने हैं ??
गिनाओ तो ज़माने ने तुम्हें क्या-क्या दिया है जी ??
हमें भी शौक हैं देखें कि इसमें नाम कितने है !!
उर्मिला माधव..
6.4.2015
ख़्वाब
वो जो कुछ ख्वाब से थे इन मिरी मरहूम आँखों में,
ज़रा मिजगां उलट कर देखना.....ज़िंदा रखे होंगे ....
::
Wo jo kuchh khwab se the, in meri marhoom aankho'n men
Zara mijga'n ulat kar dekhna,zind'a rakhe honge...
Urmila Madhav...
6.4.2016
मिजगां--- पलकें
करेंगे हम
अय आसमां हमें भी इजाज़त तो हो ज़रा,
फिर देख तेरे साये में क्या-क्या करेंगे हम...
उर्मिला माधव,
6.4.2017.
Thursday, 4 April 2019
रिश्तेदार हैं
ना कभी हालात पूछे,और न ही गमख्वार हैं,
कौन से रिश्ते से मेरे,.......आप रिश्तेदार हैं ??
उर्मिला माधव...
5.4.2014...
आदिल होगया
हमनवा ही अपना क़ातिल हो गया,
गैर की दुनियां में शामिल हो गया,
दिल संभलना चाहता है वक़्त पर,
जाने कब ये सबसे आदिल हो गया.....
उर्मिला माधव
Monday, 1 April 2019
होता है
ग़ालिब जी के अंदाज़ में ---
हमको मालूम है के सच क्या है,
दिल मगर ख़ुश तो रखना होता है...
उर्मिला माधव,
2.4.2017