Thursday, 8 November 2018

मंसूब है

वो मेरी सूरत पे बोले ख़ूब है,
हर कोई बस हुस्न से मंसूब है,

क़द्रदां सीरत का भी है कोई तो
क्या बताऊँ,कौन वो महबूब है...
उर्मिला माधव
9.11.2016

No comments:

Post a Comment