कोई इश्क-ओ-मुहब्बत में महे क़ामिल नहीं होता ये वो रुतबा है जो हर शख़्स को हासिल नहीं होता, बहुत गहराई है देखो जुनून-ए-इश्क में जाकर, समन्दर ही समन्दर है यहाँ साहिल नहीं होता..... Urmila Madhav....
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