Tuesday, 27 November 2018

माई री

आज मैं तनहा बहुत घबराई री.....हे माई री,
याद मुझको इस क़दर क्यूँ आई री हे माई री??
तेरे दामन की जो यादें,छा गयीं दिल पर मेरे,
नींद बिलकुल होगई हरजाई री....हे माई  री..
उर्मिला माधव...
२८.११.२०१३.

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