Monday, 12 November 2018

मीर, ग़ालिब, दाग़ मोमिन

😊😊😊

मीर,ग़ालिब,दाग़,मोमिन,चार बैठे थे जहाँ,
क्या बताएं,हम हक़ीरों ने भी कीं गुस्ताखियाँ,

भूल से इक लफ्ज़ भी पाई न उनसे दाद कुछ,
बस करम इतना रहा के,सबकी खींचीं खुश्कियां..
उर्मिला माधव...
13.11.2015

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