जिसको देखो वो मुक़ाबिल आ गया, मुश्किलों पर मेरा भी दिल आ गया,
मैंने सोचा हाथ से जाने भी क्यों दूं , इतने नेज़ों बीच बिस्मिल आ गया,
इस तखैय्युल में बुराई क्या है बोलो, आँख बस मूंदी के साहिल आ गया, उर्मिला माधव... 13.11.2014...
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