आपके लफ़्ज़ ..झूठे लगते हैं, राहगीरों से .....लूटे लगते हैं, इनमें पैगाम कुछ नहीं होता, सर पै .पथ्थर से टूटे लगते हैं.. #उर्मिलामाधव, 27.11.2015
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