हम हमेशा दर्द के............भरपूर घेरे मैं रहे, वो दग़ा करते रहे और.......हम अँधेरे में रहे, उनके दिलने गैर को पुरज़ोर"सुन्दरतम"कहा, हम ही कुछ न कह सके...बस तेरे-मेरे में रहे, उर्मिला माधव.. 7.11.2013
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