ये मेरे शेर और क़तआत ---
Wednesday, 7 November 2018
ताकती है
ज़िन्दगी को रोक कर हम मुत्मइन हैं
मौत मुड़कर रहगुज़र को ताकती है,
उर्मिला माधव
8.11.2017
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