लोग कुछ यूँ भी ख़ास होते हैं, वक़्त पर ग़म शनास होते हैं, उनसे उम्मीद क्या करे कोई, जो महज़ ख़ुद के पास होते हैं.... उर्मिला माधव... 27.3.2016
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