बुजुर्गों की मुहब्बत के सहारे सब्ज़ होते हैं,
हमेशा मुश्किलों के वक़्त वो महसूस होते हैं,
ख़ुशी होती है,गर शादाब बेलें लहलहाती हैं,
शजर के साये, उनके वास्ते,मह्फूज़ होते हैं,
उर्मिला माधव...
6.3.2014...
सब्ज़---हरे
शादाब---हरा-भरा
शजर---पेड़
मखसूस--- particular ख़ास
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