Thursday, 22 March 2018

किन्नरों के वेश में..

ये सभी प्राणी......अनेकों देश में,
जी रहे हैं.......किन्नरों के वेश में,
नाचते गाते हैं.......औरों के लिए,
जो स्वयं रहते कठिन परिवेश में....
उर्मिला माधव...
23.3.2014....

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