Aabpashi ke liye ................ek toor jalna chahiye,
Warna in aankhon ka dariya,kis taraf ko jaayega
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आबपाशी के लिए ............एक तूर जलना चाहिए,
वरना इन आँखों का दरिया,किस तरफ को जाएगा
उर्मिला माधव...
29.11.2015
Wednesday, 28 November 2018
तूर जलना चाहिए
पाश-पाश
ऐसे भी रंग लाता है अज़मत का आफताब,
पुरज़ोर है तबस्सुम,दिल ग़म से पाश-पाश ...
उर्मिला माधव....
29.11.2015
रहने भी दो जाओ
तक़ल्लुफ़ में पड़ो हो क्यों मियां........रहने भी दो जाओ,
बहे जाते है जो ख़ुद में ............उन्हें बहने भी दो जाओ,
कभी कुछ मसअले दुनियां में मुश्किल भी हैं समझे क्या ?
अगर तक़लीफ़ उनकी है ,......उन्हें सहने भी दो जाओ..
उर्मिला माधव,
29th november
Tuesday, 27 November 2018
मंसूब है
मेरी अपनी ज़िन्दग़ी मेरी नज़र में ख़ूब है,
इसलिए हर रंग मेरा ...मुझसे ही मंसूब है,
ग़ैर की नज़रों में गिरना और उठना बेसबब,
कोई भी दुश्मन नहीं और नईं कोई महबूब है....
उर्मिला माधव.
माई री
आज मैं तनहा बहुत घबराई री.....हे माई री,
याद मुझको इस क़दर क्यूँ आई री हे माई री??
तेरे दामन की जो यादें,छा गयीं दिल पर मेरे,
नींद बिलकुल होगई हरजाई री....हे माई री..
उर्मिला माधव...
२८.११.२०१३.
Monday, 26 November 2018
याद नहीं आती है
jab ye jaanaa tujh tak ye fariyaad nahin jaati hai,
sach batlaaun,mujhko bhi ab yaad nahin aatii hai,
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जब से जाना तुझ तक ये फ़रियाद नहीं जाती है,
सच बतलाऊं,मुझको भी अब याद नहीं आती है,
उर्मिला माधव...
27.11.2015
झूठे लगते हैं
आपके लफ़्ज़ ..झूठे लगते हैं,
राहगीरों से .....लूटे लगते हैं,
इनमें पैगाम कुछ नहीं होता,
सर पै .पथ्थर से टूटे लगते हैं..
#उर्मिलामाधव,
27.11.2015
चल रहे हैं
आप आदत से अलहिदा चल रहे हैं,
हम अदावत से अलहिदा चल रहे हैं
अपनी आंखें को हथेली से छुपाके,
हर बग़ावत से अलहिदा चल रहे हैं..
उर्मिला माधव
27.11.2017
Sunday, 25 November 2018
आबलों के नाम
काँटों पे लिख रही हूँ अभी आबलों के नाम,
ख़ामोश मेरे दिल, न अभी कुछ सवाल कर,
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kaanton pe likh rahi hun abhii aablon ke naam,
khamosh mere dil, .....n abhi kuchh sawaal kar..
उर्मिला माधव..
26.11.2015
सब्र गया
हुजूम-ए-रंज की इफ़रात हुई सब्र गया,
सब्र जब टूट गया ख़्वाब तहे क़ब्र गया,
उर्मिला माधव
26.11.2016
रात की नहीं होती
पहले होती थी फ़िक़्र दुनियां की,
अब ...किसी बात की नहीं होती,
ज़िन्दगी ......जितनी है हमारी है,
दिन की ...या रात की नहीं होती...
उर्मिला माधव
26.11.2017
Saturday, 24 November 2018
मर जाएंगे
ग़ैर के क़दमों में झुकके बा अदब फ़र्शी सलाम ?
तौबा-तौबा कुफ़्र है, हम तो वहीं मर जायेंगे,
उर्मिला माधव
25.11.2018
Tuesday, 20 November 2018
दिल्लगी अच्छी नहीं
Kyun hawa dete ho aakhir jangalon ki aag ko,
Jalane walon se kabhi bhi,dillagi achhii nahin..
क्यों हवा देते हो आख़िर जंगलों की आग को,
जलने वालों से कभी भी दिल्लगी अच्छी नहीं,
उर्मिला माधव,
21.11.2017
Sunday, 18 November 2018
कैफियत
ज़िन्दगानी-ए-शरीयत.....ख़ैरियत रखती नहीं,
कौनसी हस्ती है जो कुछ क़ैफ़ियत रखती नहीं,
क्यूँ किसीको हम मसीहा मान कर सजदा करें,
हिम्मत-ए-इंन्साँ सबाब-ए- हैसियत रखती नहीं.
उर्मिला माधव
१८.११.२०१३
Saturday, 17 November 2018
जंजीर है
जो तुम्हारी ख़ास एक तस्वीर है,
वो मेरे दिल की अजब ज़ंजीर है,
jo tumhari khaas ek tasviir hai,
wo mere dil kiajab zanjeer hai,
वो मुझे अपनी सी लगती है सुनो,
उसकी सीरत इन्तेहाई शीर है,
wo mujhe apnii sii lagti hai suno,
uski siirat intehaaii sheer hai,
बिन तुम्हारे दिल बहुत बेचैन था,
ये महज़ बिछड़े दिनों की पीर है,
bin tumhare dil bahut bechain tha,
ye mahaz bichhde dinon kii peer hai,
रात दिन बाबत तुम्हारे सोचना,
क्यूँ मेरे दिल पै रखी शमशीर है,
raat-din baabat tumhare sochna,
kyun mere dil pe rakhi shamsheer hai,
लौट कर आना तो उनको है नहीं,
तयशुदा है बस यही तक़दीर है,...
laut kar aanaa to unko hai nahin,
Tayshuda hai bs yahi taqdeer hai..
उर्मिला माधव...
18.11.2015
Friday, 16 November 2018
मेरी आरज़ू
तेरा ही ख्वाब तेरी तलब तेरी जुस्तजू,
तेरा क़रम हो तेरी नज़र तू ही रू-ब-रू,
दर तेरा चौखट तेरी मन्ज़र हो ख़ू-ब-रू,
मैं तुझसे मिल सकूँ है यही मेरी आरज़ू.... उर्मिला माधव..
गवाही में...
तग़य्युर से हूँ वाबस्ता,.....हक़ीक़त तो यही है पर,
मैं किसको साथ लाऊं अब बताओ इस गवाही में....
उर्मिला माधव..
17.11.2016
तग़य्युर... change बदलाव
Wednesday, 14 November 2018
कसम मैं
कमज़ोर पड़ रही है,रिश्तों की पायदारी,
दुश्मन कहीं छुपा है कोई तुम में और हम में,
ये ज़िन्दगी किसीकी कब मिलकियत हुई है,
रख्खा नहीं है कुछ भी इन वादा-ऑ-कसम में,
उर्मिला माधव...
15.11.2016
दिल ही थका जाता है
पाँव थकते तो अजब क्या था,नई बात न थी,
कितनी हैरत है यहां दिल ही थका जाता है..
Paanv thakte to ajab kya tha naii baat na thi,
Kitni hairat hai yahan,dil hi thaka jata hai..
उर्मिला माधव
15.11.2017
Monday, 12 November 2018
मुक़ाबिल आगया
जिसको देखो वो मुक़ाबिल आ गया,
मुश्किलों पर मेरा भी दिल आ गया,
मैंने सोचा हाथ से जाने भी क्यों दूं ,
इतने नेज़ों बीच बिस्मिल आ गया,
इस तखैय्युल में बुराई क्या है बोलो,
आँख बस मूंदी के साहिल आ गया,
उर्मिला माधव...
13.11.2014...
पटाखा क्या करें
बैठ कर अपने दिए ....देखा किये,
हम दिवाली और पटाखा क्या करें ...
उर्मिला माधव...
13.11.2015..
आश्नां है
किस क़दर इंसान इससे आश्नां है,
ये जो दुनियां है,फ़क़त तश्ना दहां है,
फिर भी चलना है तो चल इस तरह
यूँ अकेला है,मगर इक कारवां है..
उर्मिला माधव
मीर, ग़ालिब, दाग़ मोमिन
😊😊😊
मीर,ग़ालिब,दाग़,मोमिन,चार बैठे थे जहाँ,
क्या बताएं,हम हक़ीरों ने भी कीं गुस्ताखियाँ,
भूल से इक लफ्ज़ भी पाई न उनसे दाद कुछ,
बस करम इतना रहा के,सबकी खींचीं खुश्कियां..
उर्मिला माधव...
13.11.2015
मौजिज़ह है
कारसाज़ी उसकी,उसका मौजिजः है,
ज़िन्दगी है ख़ैरियत से कम नहीं कुछ,
Karsazi uski ......uska maujizah hai ,
Zindagi hai khairiyat se,kam nahin kuchh..
उर्मिला माधव,
13.11.2017
मौजिज:--- चमत्कार
Sunday, 11 November 2018
लेंगे हम
कितनी सारी बंदिशें हैं.....तुमको पाने में सनम,
तुम नहीं मिल पाए तो .फिर सांस कैसे लेंगे हम??
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Kitni saari bandishen hain tumko paane main sanam,
tum nahin mil paaye to phir saans kaise lenge hum...?
उर्मिला माधव...
12.11.2013.
तो क्या होता
अगर कोई मस्लहत पेश-ए-जहाँ होती तो क्या होता,
मेरी ये ज़िन्दगी तुझमें ......निहां होती तो क्या होता,
उर्मिला माधव...
12.11.2014...
आज तक
ज़िन्दगी में टूटना ही टूटना देखा है हमने आज तक,
या ख़ुशी का रूठना ही रूठना देखा है हमने आज तक,
अब हमें मिलना ही क्या है,जो करें शिकवा कोई हम,
साथ सबका छूटना ही छूटना देखा है हमने आज तक ...
उर्मिला माधव...
१२.११.२०१३...
Friday, 9 November 2018
ज़रूर
हम उम्र भर तकेंगे तेरी राह हमनवा,
झोंका हवा का कोई तो आना ही है ज़रूर ....
उर्मिला माधव...
10.11.2014...
दिलबर मेरा
संग दिल संग सनम तू नहीं दिलबर मेरा,
संगेमरमर ही सही दर भी है पत्थर तेरा ........
उर्मिला माधव...
10.11.2014......
सवाली है
आज ये दिल बहुत सवाली है,
किसलिए रात इतनी काली है,
उन चरागों में रौशनी ही नहीं,
जिनकी रंगत महज़ दीवाली है,
ज़िन्दगी इस तरह बनाली है
जानते हैं
मुश्किलों से दिल लगाना जानते है,
लब हमारे.....मुसकुराना जानते हैं,
ज़िंदगी ज़िन्दादिली का नाम है पर,
बेख़ुदी क्या है.....बताना जानते हैं,
राह चलने का हुनर मालूम है अब,
आग से दामन बचाना....जानते हैं,
उर्मिला माधव...
10.11.2016
बशर है ही नहीं
तू मुसलमां है मुझे ये तो ख़बर है ही नहीं,
इतने हिस्सों में अगर है तो बशर है ही नहीं,
Tu musalmaaN hai mujhe ye to khabar hai hi nahiN,
Itne hissoN me agar hai to bashar hai hi nahiN.
Urmila Madhav
उसलूब है
आंख में काजल नहीं और मांग में सुर्ख़ी नहीं,
पर मुहब्बत का मुझे मालूम हर उसलूब है,
Aankh me kajal nahin or maang me surkhii nahiN,
Par muhabbat ka mujhe maaloom har usloob hai.
Urmila Madhav.
Thursday, 8 November 2018
मंसूब है
वो मेरी सूरत पे बोले ख़ूब है,
हर कोई बस हुस्न से मंसूब है,
क़द्रदां सीरत का भी है कोई तो
क्या बताऊँ,कौन वो महबूब है...
उर्मिला माधव
9.11.2016
Wednesday, 7 November 2018
तेरे मेरे में रहे
हम हमेशा दर्द के............भरपूर घेरे मैं रहे,
वो दग़ा करते रहे और.......हम अँधेरे में रहे,
उनके दिलने गैर को पुरज़ोर"सुन्दरतम"कहा,
हम ही कुछ न कह सके...बस तेरे-मेरे में रहे,
उर्मिला माधव..
7.11.2013
आवारगी इक शख़्स की
क़त्ल अपने दिल का हमने अपने हाथों कर दिया,
दिल को जब भाई नहीं,आवारगी एक शख़्स की...
उर्मिला माधव...
8.11.2016
Sunday, 4 November 2018
हो जाएगा
था हमें मालूम.........कोई हादसा हो जाएगा,
ये नहीं मालूम था......इतना बुरा हो जायेगा,
दिल के टुकड़े हाथ में लेकर फिरेंगे जा-ब-जा,
जो भी हम लिखेंगे वो सब,फातिहा हो जायेगा...
उर्मिला माधव...
5.11.2014...
दोबाला कर दिया
हम बुलाते रह गये वो चल दिया मुह मोड़ कर,
उसकी हरकत ने हमारा गम दोबाला कर दिया...
ःः
Ham bulaate rah gaye wo chal diya munh mod kar,
,Uski harqat ne hamara gam dobala kar diya ....
Urmila Madhav.
5.11.2016
थका दीजो
Zindagi is qadar thakaa deejo,
Tere karne ko kuchh na rah jaaye.
ज़िंदगी इस क़दर थका दीजो,
तेरे करने को कुछ न रह जाये,
उर्मिला माधव..
और क्या होगा
अभी पहली ही दुनियां में क़दम रखना नहीं आया
तो फिर अब दूसरी दुनियां बना कर और क्या होगा ?
उर्मिला माधव
साहिल नहीं होता
कोई इश्क-ओ-मुहब्बत में महे क़ामिल नहीं होता
ये वो रुतबा है जो हर शख़्स को हासिल नहीं होता,
बहुत गहराई है देखो जुनून-ए-इश्क में जाकर,
समन्दर ही समन्दर है यहाँ साहिल नहीं होता.....
Urmila Madhav....
Saturday, 3 November 2018
झुठला दिया
Zindagi ne raushni ka falsafa jhuthla diya,
Teergi me jugnuon ki bheed badhti dekh kar,
ज़िंदगी ने रौशनी का फ़लसफ़ा झुठला दिया,
तीरगी में जुगनुओं की भीड़ बढ़ती देख कर..
Urmila Madhav
हम खड़े हैं
कितने भंवर लपेटे,मुश्किल में हम खड़े हैं,
हिम्मत नहीं है जिनमें साहिल पे ही पड़े हैं,
उर्मिला माधव...
4.11.2015