Thursday, 28 December 2017

एक शेर

सबकी पेशानी पे ........चस्पां हो गए फ़ख्र-ओ-गुरूर
हम बिना नाम-ओ-निशाँ छाना किये दुनियां की ख़ाक,
उर्मिला माधव...
29.12.2016

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