ये मरा वाट्सऐप। ......मुसीबत है, इसमें लोगों को कितनी फुरसत है, फोर ए ऐम पर। .....शूरू हो कर , शब-ब ए-खैर तक से नि स्बत है.... अब नया साल। ...इसमें चस्पां है, उफ़ जवाबों की किसमें हिम्मत है.... उर्मिला माधव। .. 31 दिसंबर 2016
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