Tuesday, 5 December 2017

क़ता

चल.......तेरा एहतराम करती हूँ
तेरी ख़ातिर.....ये काम करतो हूँ
दिल मेरी मिलकियत है, रहने दे,
कुल जहां......तेरे नाम करती हूँ....
उर्मिला माधव...
6.12.2014....

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